Sangat संगत
संगत से गुन होत है संगत से ...
Monday, July 25, 2011
ना जाने किस शहर में हूं
घर में हूं
दफ्तर में हूं
ना जाने
किस शहर में हूं
1 comments:
राजेश उत्साही
Jul 26, 2011 09:01 AM
जानकर अच्छा लगा कि आप जहां भी हैं, अभी हैं। बधाई।
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जानकर अच्छा लगा कि आप जहां भी हैं, अभी हैं। बधाई।
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